Friday, May 7, 2010

नम आँखे ढूँढ रही थी !



It just about the feelings of those couple who are very close to each-other's heart
and suddenly one of them came to know
that the love is no more on earth..........................

सारे लोग वही थे
बस गमशुम सी ढूढ़ रही थी मेरी वो नम आँखे
उधर दरवाजे की खटखटाहट आई,मैंने दरवाज़े से आवाज़ लगायी
सब कुछ गुजर चूका था यादो की उस रात में
एक आंधी सी आई थी , मैंने उस रात को किस तरह बितायी थी
शायद वो मेरी किस्मत का होना था, और बस मुझे जिन्दगी भर का रोना था
मेरी यादो की दौड़ में सब कुछ निकल चूका था
बस पड़ी थी मैं और मेरी वो यादे
सुनसान सी हवेली में कोई अपना सा ना था
सारे तो अपने थे फिर भी ढूँढ रही थी मेरी वो नम आँखे
फिर मुझे लगा कोई तो आया है
ये क्या ये तो उसके मौत का पैगाम लाया है
उससे अपने आगोश में लील चूका था
फिर भी ढूँढ रही थी मेरी वो नम आँखे !

5 comments:

  1. nice bahut acha hai meri bhi ankhe nam ho gayi

    ReplyDelete
  2. beyond imazination...short of word to describe it..

    ReplyDelete
  3. by the way kisse dhoondh rahi thi wo nam aakhein.... nippu plz batao

    ReplyDelete
  4. ohh ...ppl will die after some time but seriously true love will never die ..

    ReplyDelete